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लाइलाज नहीं है लिवर सिरोसिस
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवनशैली में खानपान की गलत आदतों और अनियमित दिनचरà¥à¤¯à¤¾ की वजह से à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लिवर सिरोसिस की समसà¥à¤¯à¤¾ तेजी से फैल रही है।
आखिर मरà¥â€¢à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है
आमतौर पर लिवर से संबंधित तीन समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती हैं-फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस। फैटी लिवर की समसà¥à¤¯à¤¾ में वसा की बूंदें लिवर में जमा होकर उसकी कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में बाधा पहà¥à¤‚चाती हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾ घी-तेल, à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल और रेड मीट के अधिक सेवन से हो सकती है। हेपेटाइटिस होने पर लिवर में सूजन आ जाती है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ खानपान में संकà¥à¤°à¤®à¤£, असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ यौन संबंध या बà¥à¤²à¤¡ टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤«à¥à¤¯à¥‚जन की वजह से होती है। सिरोसिस में लिवर से संबंधित कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• साथ देखने को मिलते हैं। इसमें लिवर के टिशूज कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने लगते हैं। आमतौर पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल के सेवन, खानपान में वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजों, नॉनवेज का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन और दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿ की वजह से à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। इसके अलावा लिवर सिरोसिस का à¤à¤• और पà¥à¤°à¤•ार होता है, जिसे नैश सिरोसिस यानी नॉन à¤à¤²à¥à¤•ोहोलिक सिà¤à¤Ÿà¥‹ हेपेटाइटिस कहा जाता है, जो à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल का सेवन नहीं करने वालों को à¤à¥€ हो जाता है।
सिरोसिस की तीन अवसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚
-सिरोसिस की इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में अनावशà¥à¤¯à¤• थकान, वजन घटना और पाचन संबंधी गडबडियां देखने को मिलती हैं।
-दूसरी अवसà¥à¤¥à¤¾ में चकà¥à¤•र और उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आना, à¤à¥‹à¤œà¤¨ में अरà¥à¤šà¤¿ और बà¥à¤–ार जैसे लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिलते हैं।
- तीसरी और अंतिम अवसà¥à¤¥à¤¾ में उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ खून आना, बेहोशी और मामूली सी चोट लगने पर बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग का न रà¥à¤•ना जैसे लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिलते हैं। इसमें दवाओं का कोई असर नहीं होता और टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट ही इसका à¤à¤•मातà¥à¤° उपचार है।
कैसे होता है लिवर टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट
इसकी सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ यह है कि जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लिवर पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ की जरूरत होती है उसके परिवार के किसी सदसà¥à¤¯ (माता/पिता, पति/पतà¥à¤¨à¥€ के अलावा सगे à¤à¤¾à¤ˆ/बहन) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिवर डोनेट किया जा सकता है। इसके लिठमरीज के परिजनों को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ के अधीन काम करने वाली टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट ऑथराइजेशन कमेटी से अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ लेनी पडती है। यह संसà¥à¤¥à¤¾ डोनर के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, उसकी पारिवारिक और सामाजिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की गहन छानबीन और उससे जà¥à¤¡à¥‡ करीबी लोगों से सहमति लेने के बाद ही उसे अंग दान की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ देती है। लिवर के संबंध में सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि अगर इसे किसी जीवित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर से काटकर निकाल à¤à¥€ दिया जाठतो समय के साथ यह विकसित होकर अपने सामानà¥à¤¯ आकार में वापस लौट आता है। इससे डोनर के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर à¤à¥€ कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ नहीं होता। इसके अलावा अगर किसी मृत वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के परिवार वाले उसके देहदान की इजाजत दें तो उसके निधन के छह घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° उसके शरीर से लिवर निकाल कर उसका सफल पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ किया जा सकता है। इसमें मरीज के लिवर के खराब हो चà¥à¤•े हिसà¥à¤¸à¥‡ को सरà¥à¤œà¤°à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हटाकर वहां डोनर के शरीर से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ लिवर निकालकर सà¥à¤Ÿà¤¿à¤šà¤¿à¤‚ग के जरिये पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ किया जाता है। इसके लिठबेहद बारीक िकसà¥à¤® के धागे का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है, जिसे पà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¨ कहा जाता है। लंबे समय के बाद ये धागे शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤° घà¥à¤² कर नषà¥à¤Ÿ हो जाते हैं और इनका कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ नहीं होता। टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट के बाद मरीज का शरीर नठलिवर को सà¥à¤µà¥€à¤•ार नहीं पाता, इसलिठउसे टैकà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¨à¤¸ गà¥à¤°à¥à¤ª की दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं, ताकि मरीज के शरीर के साथ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ लिवर अचà¥à¤›à¥€ तरह à¤à¤¡à¤œà¤¸à¥à¤Ÿ कर जाà¤à¥¤ सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद मरीज को साल में à¤à¤• बार लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ जरूर करवाना चाहिà¤à¥¤
आखिर मिल ही गई कामयाबी
मनोज गौड मà¥à¤‚बई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ à¤à¤• मलà¥à¤Ÿà¥€ नेशनल कंपनी में आईटी मैनेजर हैं। दिसंबर 2011 में दिलà¥à¤²à¥€ के इंदà¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ अपोलो हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में उनके लिवर का सफल पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ किया गया। अब वह पूरी तरह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं, पर लिवर सिरोसिस से लडना कोई आसान काम नहीं था। इस लडाई में उनकी पतà¥à¤¨à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ गौड ने हर कदम पर उनका साथ दिया। यहां वह खà¥à¤¦ बयां कर रही हैं, अपने संघरà¥à¤· की कहानी..
जब मà¥à¤à¥‡ पहली बार यह मालूम हà¥à¤† कि मेरे पति को लिवर सिरोसिस है तो मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° की बातों पर यकीन नहीं हà¥à¤† कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मेरे पति à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल को हाथ à¤à¥€ नहीं लगाते। तब डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने हमें यह बताया कि कà¥à¤› विशेष परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शराब नहीं पीने वाले लोगों को à¤à¥€ लिवर सिरोसिस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। मà¥à¤‚बई में डॉ. अनिल सूचक हमारे फेमिली फà¥à¤°à¥‡à¤‚ड हैं, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमें बताया कि मनोज का लिवर सिरोसिस à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में है कि उनके इलाज में जरा à¤à¥€ देर नहीं होनी चाहिà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने हमें दिलà¥à¤²à¥€ में अपने परिचित डॉ. सà¥à¤à¤¾à¤· गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ के पास जाने की सलाह दी।
दौर à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• संकट का
वृदà¥à¤§ ससà¥à¤° जी और बचà¥à¤šà¥‡ को अकेला छोड कर पति के इलाज के लिठदिलà¥à¤²à¥€ जाना मेरे लिठबेहद मà¥à¤¶à¥à¤•िल, लेकिन जरूरी à¤à¥€ था। à¤à¤¸à¥‡ में मेरी बहन हमारे घर पर रà¥à¤• कर उनकी देखà¤à¤¾à¤² के लिठराजी हो गई। फिर मैं पति और ननद के साथ दिलà¥à¤²à¥€ आ गई। परिवार का कोई अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ लिवर डोनेट करने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नहीं था। इसलिठयह काम मà¥à¤à¥‡ ही करना था। खैर, दिलà¥à¤²à¥€ पहà¥à¤‚चते ही हमने अपोलो हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के पास िकराये पर à¤à¤• फà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿ लिया और सारे टेसà¥à¤Ÿ के बाद 19 दिसंबर 2011 को हम दोनों को टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट के लिठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कर लिया गया।
अचानक बदल गठहालात
रात को तकरीबन बारह बजे डॉकà¥à¤Ÿà¤° मेरे कमरे में राउंड पर आठऔर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤à¤¸à¥‡ कहा कि हो सकता है कि आपके ऑपरेशन की जरूरत ही न पडे। मैं उनकी बात समठनहीं पाई तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मà¥à¤à¥‡ बताया कि यहां à¤à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेड पेशेंट कई दिनों से à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ हैं। उनके परिवार वाले उनकी अंतिम इचà¥à¤›à¤¾ का खयाल रखते हà¥à¤ उनका देह दान करना चाह रहे हैं। इसलिठसंà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है कि उनका लिवर आपके पति के शरीर में टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट कर दिया जाà¤à¥¤ तब मैंने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछा कि इस बात की कà¥à¤¯à¤¾ गारंटी है कि उस लिवर में किसी तरह का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ न हो? तब डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ ने मà¥à¤à¥‡ आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ किया कि à¤à¤¸à¥€ कोई बात नहीं है। अंतत: मेरे पति का ऑपरेशन सफलतापूरà¥à¤µà¤• हो गया।
डॉ. सà¥à¤à¤¾à¤· गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ के नेतृतà¥à¤µ वाली टीम में उनके सहयोग के लिठ50 लोग शामिल थे। सरà¥à¤œà¤°à¥€ आठघंटे तक चली। इसमें लगà¤à¤— 21 लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का खरà¥à¤š आया। ऑपरेशन के बाद उनकी सेहत में बहà¥à¤¤ तेजी से सà¥à¤§à¤¾à¤° आया और तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² से छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ मिल गई। घर लौटने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मैं अपने पति को अधिक से अधिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ डाइट देती थी, जिसमें चिकेन सूप, अंडा, पनीर, सोया मिलà¥à¤• और टोफू जैसी चीजें शामिल होती थीं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ताउमà¥à¤° इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से बचकर रहने और सादा-संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खानपान अपनाने की सलाह दी है। अब तो वह ऑफिस à¤à¥€ जाने लगे हैं और ईशà¥à¤µà¤° की कृपा से पूरी तरह सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हैं। वह हमारे परिवार के लिठबेहद मà¥à¤¶à¥à¤•िल दौर था, पर अंतत: हमें उससे बाहर निकलने में कामयाबी मिल ही गई।
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